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महाबली रावण (Mahabali RAVANA Poem)
Witness the might of the Ten-Headed King. A vivid poetic tribute to Ravana, the master of the Vedas and the formidable warrior who challenged the heavens themselves.

CLAT Mentor Neeraj Sir
Jun 26, 2020


यु तो तु भोली बहुत है
यु तो तु भोली बहुत है, खुद में ही खोई बहुत है ! लोग शायद समझे बुराई, पर दिल से तु प्यारी बहुत हैं ! तेरी सादगी को जिसने भी जाना, उसके लिए तु न्यारी बहुत है ! तु कहां समझा भी पायी, तेरी अधर्मों से दुरी बहुत है ! जिसने देखा, अपना समझा, तेरी अपनी एक छवि है ! जो ना तु लोगों के जैसी, कहा सबने तु बुरी बहुत है ! प्रतिस्पर्धा के दौर में, सबसे पीछे क्यु तु पड़ी है ! जो ने तुने खुल्के बोला, सोचा सबने खाई पड़ी है ! तेरे हर एक चुप्पी को, हर पल यहां रगड़ा है सबने ! शांत जो बैठी है तु, अब

CLAT Mentor Neeraj Sir
Sep 9, 2019
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