क्या एक सोलह वर्षीय योद्धा इतिहास की सबसे बड़ी सेनाओं को चुनौती दे सकता है? यह कविता अभिमन्यु के अद्भुत साहस, वीरता, त्याग और चक्रव्यूह में उनके अंतिम युद्ध को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है। महाभारत के इस अमर योद्धा को समर्पित यह रचना केवल एक कविता नहीं, बल्कि उस अद्वितीय पराक्रम और बलिदान को नमन है जिसने अभिमन्यु को युगों-युगों तक अमर बना दिया।